पुकार

एक आर्मी ऑफिसर एक खतरनाक आतंकवादी को पकड़ता है और सरकार उसे वीरता अवार्ड से सम्मानित करती है। वह छुट्टियां मानाने अपने शहर जाता है। जहाँ उसे एक लड़की से प्यार हो जाता है। एक और लड़की है जो उससे प्यार करती है। इस दौरान आतंकवादी कैद से भाग जाता है और आर्मी अफसर से बदला लेने के लिए साजिश रचता है। क्या आर्मी अफसर उसकी साजिश को नाक़ामयाव कर पायेगा?

लज्जा

यह फिल्म चार औरतों की कहानी है जिन्हें उनकी व्यक्तिगत ज़िंदगी में पुरषों द्वारा किये अत्याचारों का सामना करना पड़ा है। फिल्म हमारे समाज को बहुत अच्छा पाठ पढ़ाती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे वे चारों औरतें अपने हक़ के लिए समाज और पुरषों के खिलाफ खड़ी होती हैं और अंत में अपनी ज़िंदगी समान जनक तरीके से जीती हैं।

द लेजेंड ऑफ़ भगत सिंह

यह फिल्म शहीद भगत सिंह, राजगुरु, और सुखदेव द्वारा आजादी दिलाने में दिए गए योगदान पर आधारित है। फिल्म में उनके जेल में किये अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष और देश के लिए दी कुर्बानी को दिखाया गया है। फिल्म में भगत सिंह के साथ साथ चंद्रशेखर आजाद की कुर्बानी को भी दिखाया गया है। यह फिल्म देशभक्ति की मिशाल है।

खाकी

पुलिस की एक टीम एक आंतकवादी को गाड़ी में मुंबई कोर्ट में पेश करने ले जा रही है। तभी उन पर आतंकवादियों का हमला होता है। पुलिस टीम के पास न ही हथियार बचे हैं और उनकी गाडी भी खराव हो गई है। क्या वह बिना गाडी और हथियारों के आतंकवादियों का सामना करके गिरफ्तार किये आतंकवादी को कोर्ट में पेश कर पाएंगे?